सनातन धर्म प्रतिष्ठान® एक गैर लाभकारी , गैर राजनीतिक सार्वजनिक धार्मिक व धर्मार्थ पंजीकृत ट्रस्ट है। इसका मुख्य कार्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) तथा शाखा कार्यालय मुंबई, दिल्ली व लखनऊ में हैं।
सनातन धर्म का पुनरुत्थान, सभी हिन्दुओं को एकजुट करना और सनातन धर्म स्थल का निर्माण करना प्रतिष्ठान के मुख्य उद्देश्य हैं। स्थल विश्व का सबसे भव्य तीर्थ स्थान, ज्ञान केंद्र, पूजा व प्रार्थना का स्थल होगा जो वेटिकन शहर और मक्का की मस्जिद से भी बड़ा होगा।
प्रतिष्ठान की डीड के अनुसार इसके लक्ष्य व उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
सनातन धर्म की विचारधारा का अध्ययन व अनुसंधान करना और उस ज्ञान का प्रचार प्रसार करना।
सनातन धर्म दर्शनशास्त्र के हिसाब से सनातन धर्म स्थल का निर्माण करना।
ट्रस्टियों और जरूरतों के अनुसार स्थल में सभी सुविधाओं को उपलब्ध करना।
सनातन धर्म के पुनरुत्थान के लिए कार्य करना।
लोगों के चरित्र निर्माण में योगदान करना।
सनातन धर्म के बारे में दिशा निर्देश देने वाला केंद्रीय प्राधिकरण बनना।
शांतिपूर्ण समन्वय हेतु दुसरे पंथों और सम्प्रदायों के साथ वादविवाद व विचार विमर्श करना।
हिन्दू रीति रिवाजों, पूजा अर्चना व प्रार्थना विधियों, त्योहारों, संस्कारों एवं परम्पराओं पर गर्व पैदा करना।
सनातन धर्म पर भविष्य की पीढ़ी को ज्ञान प्रदान करने हेतु योग्य शास्त्री तैयार करना।
सनातन धर्म की पद्धति, विचारधारा एवं जीवनशैली पर ज्ञान उपलब्ध कराना तथा यह प्रदर्शित करना की सनातन धर्म "विश्व एक परिवार है" की विचारधारा का प्रवर्तक है।
शिक्षा, स्त्री जाति एवं कन्याओं के उत्थान के क्षेत्र में ट्रस्टियों के आदेश अनुसार धर्मार्थ कार्यों को करना।
युवा पीढ़ी को व्यापार, पेशा, कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य सेवाएँ या किसी अन्य क्षेत्र में स्थापित करने के लिए सहायता या मार्गदर्शन देना।
ऊपर लिखित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिष्ठान के निम्न उद्देश्य होंगे:
विचार विमर्श, खुली बहस, सेमिनार, प्रचार प्रसार, विशेषज्ञों के भाषण जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करना।
भारत और विश्व में सनातन धर्म के प्रति जागरूकता पैदा करना।
जो संस्थान, संगठन, समूह या व्यक्ति प्रतिष्ठान के लक्ष्य व उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक हों, उनकी सहायता करना।